भीषण गर्मी ने तोड़ा सात साल का रिकॉर्ड, पहली बार करनाल को छोड़कर सभी जिलों में पारा 45 के पार

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मई की भीषण गर्मी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। इससे पहले साल 2012 में 31 मई को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था ।शुक्रवार को सिरसा में तापमान 46 डिग्री तक पहुंचा गया। औसत तापमान 45 पार कर गया। करनाल को छोड़ राज्य सभी जिलों में तापमान 44 के पार चला गया। इस तपिश ने जहां परेशानी बढ़ा दी, वहीं दोपहर बाद मौसम विभाग की राहत भरी उम्मीदों वाली खबर आई।

वहीं पंजाब में सबसे गर्म जिला बठिंडा रहा। शुक्रवार को यहां का तापमान 45.8 डिग्री पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री दर्ज किया गया है। लुधियाना का तापमान 44.4 डिग्री दर्ज किया गया था, शुक्रवार को पारा 44.6 डिग्री पहुंच गया है। भीषण गर्मी का कहर जारी है। गर्मी की चपेट में इस समय पूरा हरियाणा हैं और लोग बेहाल हैं। मौसम विभाग ने 16 जिलों में शनिवार को भीषण लू चलने का रेड अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने कहा कि अगले 72 घंटे के भीतर तापमान से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। इस दौरान तापमान में कुछ और बढ़ोतरी हो सकती है। दो जून तक लू की चेतावनी जारी की गई है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार रात का तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।

मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने कहा है कि तीन व चार जून को बढ़े तापमान से थोड़ी राहत मिल सकती है। हवाओं की दिशा बदलने से अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है।

किस साल कितना रहा तापमान
साल                 अधिकतम तापमान
2018                  43.8
2017                  43.0
2016                  43.6
2015                  43.3
2014                  41.4
2013                  43.8
2012                  44.8

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अगले 72 घंटे पूरे ट्राइसिटी में भीषण गर्मी और लू की स्थिति जारी रहेगी। उसके बाद हवाओं के रुख में बदलाव आएगा। बंगाल की खाड़ी पास से मॉइश्चर मिलेगा। इससे दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि उसके बाद फिर से तापमान बढ़ेगा और लू की स्थिति जून के दूसरे सप्ताह तक जारी रहेगी।

कब आएगा मानसून
इस बार मानसून करीब छह से सात दिन की देरी से आ रहा है। खबरों के मुताबिक छह जून के आसपास मानसून केरल में प्रवेश कर जाएगा। चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री 28 जून से दो जुलाई के बीच होती रही है। इस बार पहले से ही देरी है तो संभव है कि चंडीगढ़ में भी मानसून देरी से पहुंचे। हालांकि इस स्थिति के बारे में 15 जून के आसपास पता चल सकेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि इस बार मानसून 99 फीसदी सामान्य रहेगा। इस हिसाब से अच्छी बारिश रहने की संभावना है।

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