भाजपा की झोली में दसों सीटें, तीन को मिला मंत्रालय लेकिन बाकी रह गई हरियाणा की ये आस

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हरियाणा से नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल तीनों मंत्री पावरफुल मंत्रालयों से महरूम ही रहे हैं। काम के बंटवारे में इस बार भी केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत और कृष्णपाल गुर्जर को पुराने मंत्रालय ही मिले हैं। कोई नया विभाग नहीं जुड़ा। पहली बार मंत्री पद पाने वाले रतनलाल कटारिया को दोहरा जिम्मा जरूर मिला है लेकिन किसी बड़े मंत्रालय से संबद्ध नहीं किए गए हैं।

राव इंद्रजीत इस बार भी पिछली सरकार की तरह सांख्यिकी, कार्यक्रम क्रियान्वयन और प्लानिंग विभाग का जिम्मा स्वतंत्र रूप से संभालेंगे। कृष्ण पाल गुर्जर राज्य मंत्री हैं, इसलिए उन्हें पिछली सरकार की तरह इस बार भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ अटैच किया गया है। पूर्व मोदी सरकार के समय भी उनके पास यही विभाग था।

तीसरी बार अंबाला लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंचने का इनाम पाने वाले भाजपा के एससी चेहरा रतनलाल कटारिया को बतौर राज्य मंत्री जल शक्ति और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के साथ संबद्ध किया गया है। राव तो अपने विभागों में स्वतंत्र तौर पर फैसले ले सकेंगे, मगर गुर्जर और कटारिया के पास यह शक्तियां नहीं होंगी

वह स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के बजाए अपने मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री को ही हर फाइल भेजेंगे। राव इंद्रजीत को मिले मंत्रालयों का जनता के साथ सीधा कोई जुड़ाव नहीं है। हालांकि, गुर्जर व कटारिया के पास जनता से जुड़े हुए महकमे हैं। वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में बुजुर्गों व जरूरतमंद लोगों के लिए काम कर सकते हैं।

चूंकि, सामाजिक पेंशन, तेजाब पीड़ित, दिव्यांगों इत्यादि के मामले उनके विभाग के अंतर्गत ही आते हैं। कटारिया के पास जल शक्ति में प्रदेश के लिए नई योजनाएं लाने का मौका रहेगा। वह पेयजल व इससे जुड़ी अन्य परियोजनाएं लाकर प्रदेश की पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इस बार भी कैबिनेट मंत्री की थी आस

हरियाणा को इस बार भी कैबिनेट मंत्री मिलने की आस थी। मगर, यह सौगात मिल नहीं पाई। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में बीरेंद्र चौधरी ने राज्यसभा सांसद होने के बावजूद इस्पात मंत्रालय को बतौर कैबिनेट मंत्री संभाला। अबकी उम्मीद जताई जा रही थी कि राव इंद्रजीत का प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

विधानसभा चुनाव से पहले तीनों मंत्रियों को दिखानी होगी परफार्मेंस
हरियाणा में इसी साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश के दस सांसदों में से तीन को मंत्री पद मिला है। चुनाव से पहले तीनों सांसदों को बेहतर परफार्मेंस देनी होगी ताकि वे अपने संसदीय क्षेत्रों के अलावा अपने प्रभावी वाली अन्य सीटों पर भी भाजपा को जीत दिला सकें।

 

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